दिल्ली में अब नहीं मिलेगी सस्ती शराब, कारोबारियों की याचिका को हाईकोर्ट ने किया खारिज

दिल्ली में शराब की छूट पर प्रतिबंध के खिलाफ कारोबारियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी. जिसे दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है.

राजधानी दिल्ली में रहने वाले शराब के शौकिन के लिए एक बड़ी खबर है. दरअसल कारोबारियों ने शराब के खुदरा मूल्य पर छूट के प्रतिबंध लगाने वाले दिल्ली सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. न्यायमूर्ति कामेश्वर राव ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि छूट देने से बाजार में कालाबाजारी बढ़ी है. इसके साथ ही कोर्ट ने 10 शराब लाइसेंसधारियों के आवेदन को खारिज कर दिया है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार की दलील पर सहमती जताई. साथ ही कहा कि नई आबकारी नीति का लाइसेंस धारकों ने दुरुपयोग किया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फरवरी महीने में दिल्ली में लाइसेंसधारियों ने शराब पर छूट दी थी. जिसके बाद शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी लाइने लगी थी. जिसके बाद 28 फरवरी को दिल्ली सरकार ने शराब की छूट पर पाबंदी लगी थी. साथ ही कहा था कि इस तरह की छूट देने से दुकानों पर भीड़ बढ़ रही है साथ ही कालाबाजारी को भी बढ़ावा मिल रहा है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि रियायत/छूट अनुदान के चलते फरवरी के महीने में शराब की बिक्री में वृद्धि हुई है. कुछ क्षेत्रों में तो वृद्धि ज्यादा दर्ज की गई है. जबकि कुछ क्षेत्रों में मामूली बढ़ोतरी हुई है. लेकिन नई शराब नीति का मकसद लाइसेंसधारियों के लिए समान अवसर प्रदान करना था. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि एक बोतल शराब के साथ एक बोलत फ्री में देना स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के खिलाफ है.