मोदी मंत्रिमंडल में बदलाव, ज्योतिरादित्य सिंधिया और वरुण गांधी की हो सकती है एंट्रीप्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिनों के भीतर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष अधिकारियों और मंत्रियों के दो अलग-अलग समूहों के साथ दो बैठकें की हैं, यह सुझाव देते हुए कि लंबे समय से प्रतीक्षित केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की गिनती शुरू हो गई है। मोदी सरकार की दूसरी पारी में यह पहली बार मंत्रिमंडल मे बदलाव होगा। लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान और भाजपा के सुरेश अंगड़ी के निधन से एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री का पद रिक्त है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से के बाद शिरोमणि अकाली दल और शिवसेना के प्रतिनिधियों द्वारा खाली किए गए दो मंत्री पदों को भी भरने की जरूरत है। मंत्रिमंडल में कोई बदलाव या विस्तार नहीं होने के कारण कई मंत्रियों के कंधों पर कई विभाग हैं। जैसे कि , रेल मंत्री पीयूष गोयल के पास वाणिज्य और उद्योग और खाद्य और उपभोक्ता मामले हैं, और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी ग्रामीण विकास का प्रबंधन करते हैं। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से मुलाकात कर उनके कार्यों की समीक्षा शुरू कर दी है। यह भी कहा जा रहा है कि काम की समीक्षा के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को मोदी कैबिनेट से हटा दिया जाएगा। कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। सूत्र यह भी सुझाव देते हैं कि चुनावी राज्यों से संबंधित राजनेताओं का प्रतिनिधित्व बढ़ सकता है। संबंधित विकास में, सुझाव है कि असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। सोनोवाल 2016 से पिछले महीने तक असम के सीएम थे। भले ही भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने चुनाव जीता, सोनोवाल की जगह हेमंत बिस्वा सरमा को असम का मुख्यमंत्री बनाया गया।इस बीच, जहां तक नए शामिल होने वालों का सवाल है, ये वे नाम हैं जो चक्कर लगा रहे हैं, जिसमें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिनेश त्रिवेदी, भूपेंद्र यादव, अश्विनी बैशनब और वरुण गांधी शामिल है। मोदी सरकार ने 30 मई, 2019 को शपथ ली। इसमें 57 मंत्री (24 कैबिनेट मंत्री) , 9 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और (24 राज्य मंत्री) थे।

News by Tanvi Tanuja