सांप्रदायिक भाषण का मुद्दा पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई ।

उत्तराखंड के हरिद्वार में विवादास्पद बयानबाजी हुई थी ।
हरिद्वार के एक विवादास्पद हिंदू नेता के द्वारा एक धार्मिक सभा का आयोजन हुआ था जिसमे हिंदुत्व नेता नरसिंहानंद द्वारा कहा हुआ मुस्लिम विरोधक अमंगल भाषा का मंशा उठा है ।

न्यायधीश के सम्मेलन में जस्टिस न वी रमन ने सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल के याचिका को नोट करते हुए संबोधित किया । उन्होंने याचिका को संबोधित करते हुए कहा की अभी तक कोई वी करवाई नही की गई है ।
जिन्होंने अभद्र भाषा का उपयोग किया था मुस्लिम समुदाय के प्रति ।

याचिका में मूल रूप से निष्पाष्ठ तौर की मांग की गई है ।
बात की जाए तो पिछले महीने उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में कुछ हिंदू धरमगुरुओ ने अभद्र और नफरती भाषा का उपयोग किया था । उन्होंने मुस्लिमो के खिलाफ हथियार उठाने और नरसंहार के बारे में विवाद बहुत गरमाया हुआ था ।

बात करे तो इस कार्यक्रम की तो हरिद्वार में ये कार्यकर्म तीन दिनों तक चला था । मामला विवाद में तब आया जब इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रकाशित होने लगे ।
और लोगो के बीच घृणा और क्रोध का माहौल उजागर होने लगा । इसपर लोगो ने अपनी आपत्ति नाराजगी जताई और सरकार से इसके ऊपर करवाई और जांच को मांग की गई ।

विपक्ष ने इसपर करवाई की मांग की । उन्होंने कई सवाल उठाए और साथ ही करवाई की मांग की । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल इस मुद्दे को लेकर याचिका दायर की थी ।

सिब्बल ने जब न्यायधीश को याचिका पेश किया था तो सी जे एन वी रमन और जस्टिस सूर्य कांथ और हिमा कोहली ने बताया की इस कार्य के ऊपर करवाई की गई है जहा सिब्बल ने सफाई देते हुए बताया की सिर्फ दो एफआईआर ही दाखिल किए गए है । जहा कोई भी करवाई इसके अनुरूप नहीं की गई है ।

Fayequa