विधायकों के साथ हुई मारपीट में दो सिपाही निलंबित, विधायकों के आचारण की जा रही जांच

बिहार में आखिरी दिन हुए बजट सत्र में विधायकों के साथ की गयी मारपीट मामले को लेकर प्रथमदृष्टया आरोपित मानते हुए दो पुलिस जवानों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि वही विधानसभा आचार समिति के द्वारा विधायकों के आचारण को लेकर आयी शिकायतों की जांच की जा रही है। वही कहा जा रहा है की आगे की कारवाई समिति की रिपोर्ट आने के बाद की जायेगी। विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के द्वारा गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा की सुनिश्चित प्रोटोकाॅल का पालन विधायकों के साथ राज्य सरकार के पदाधिकारियों द्वारा हर हाल में किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा की इनके मान-सम्मान की रक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकताओं में से एक है। और ऐसे में किसी भी स्तर के पदाधिकारियों द्वारा किये गये अशिष्ट और अमर्यादित व्यवहार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। आपको बता दे की इस संबंध में पटना जिला बल के सिपाही शेषनाथ प्रसाद और सिपाही रंजीत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया । श्री सिन्हा ने यह भी कहा कि इन दोनों सिपाहियों द्वारा किये गये इस आचरण से उनकी उदंडता, मनमानेपन, गैरजिम्मेदाराना और अयोग्य पुलिस कर्मी होने का स्पष्ट परिचायक है और इससे पुलिस विभाग की छवि भी धूमिल हो गयी है। इस आचरण के बाद डीआइजी के द्वारा दोनों सिपाहियों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। वही श्री सिन्हा ने कहा कि कतिपय विरोधी दल के सदस्यों के द्वारा बीते 23 मार्च को सदन में बिहार सशस्त्र बल विधेयक, 2021 के पेश किये जाने के दौरान विरोध प्रकट किया और कुछ अमर्यादित आचरण भी किया। उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि विधानसभा में आसन को बाधित कर दिया गया और फिर अध्यक्ष के कक्ष को चारों ओर से बंद कर दिया गया। इस तरह का डेडलाॅक संसदीय प्रणाली में वांछनीय और शोभनीय नहीं माना जाता है। पटना जिला बल से अतिरिक्त पुलिस बल को सदन में फैली अव्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए सभा सचिवालय में कार्यरत मार्शलों की कम संख्या होने के कारण उनके सहयोग के लिए बुलाया गया था। वही विधानसभा के अध्यक्ष के द्वारा बताया गया की उन्हें स्पष्ट रूप से निर्देश दे दिया गया था कि विधायकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए। और इस सब के दौरान मैं अपने कक्ष में ही बंद था। श्री सिन्हा ने बताया की कुछ मीडिया के द्वारा किये गये विजुअल में मेरे कक्ष के बाहर एक व्यक्ति के द्वारा एक सदस्य को और पोर्टिको के व्हाइट लाइन के बाहर एक अन्य सदस्य को मारते हुए देखा गया था, जो बिल्कुल भी किसी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है और यह आचरण बिल्कुल उचित नहीं था। वही इस संबंध में जांच के बाद ही गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और डीजीपी के द्वारा कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया है कि इस असहनिय घटना के लिए दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित करते हुए उन पर कार्रवाई की जा रही है। News by Pragya Kumari