बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र आज से, विपक्ष के हर सवाल का दिया जायेगा जवाब

बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार यानी आज से आरंभ होगा। इस पांच दिन के मानसून सत्र में पहले दिन यानी की सोमवार को बजट सत्र के बाद राज्यपाल द्वारा पारित अध्यादेश की जानकारी सदन में रखी जाएगी और सभाध्यक्ष का संबोधन होगा। 2021-22 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी को सदन पटल पर रखा जाएगा और दिवंगत विधायकों, पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। वहीं विधानमंडल के मानसून सत्र में सरकार ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने की तैयारी कर ली है। और सभी मंत्री अपने-अपने विभाग से जुड़े हर मामले को लेकर अपडेट हो गए हैं। और साथ ही साथ विधायकों के सवालों का जवाब भी तैयार किया जा रहा है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा सभी मंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने विभागों से संबंधित विषयों-विधेयकों की अच्छी तरह से अद्यतन जानकारी रखें, ताकि माकूल जवाब किसी मुद्दे पर दे सकें। वहीं विभिन्न विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरने की पुरी तैयारी कर ली है। विपक्ष की साझा रणनीति के तहत महंगाई, कोरोना काल में हुई मौतों के साथ ही गत बजट सत्र में विधानसभा परिसर में विधायकों से मारपीट से जुड़ा रहेगा।वही माना जा रहा की इस छोटे सत्र में विपक्ष के तेवर तीखे रहेंगे। 27 और 28 जुलाई को राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य होंगे। वही प्रथम अनुपूरक मांग पर बहस की जायेगी और इसे पारित करने की प्रक्रिया तथा विनियोग विधेयक गुरुवार को पेश किया जायेगा। साथ ही साथ सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को गैर सरकारी संकल्प लिए जायेंगे। इसके अलावा पहले दिन को छोड़कर सभी दिन अल्पसूचित, तारांकित प्रश्न किये जाएंगे। सत्र में जो सात नए विधेयक पेश होंगे, उनमें तीन नए जबकि तीन में संशोधन का प्रस्ताव है। इनमें बिहार पंचायती राज संशोधन विधेयक,2021, बिहार खेल विवि विधेयक, 20121, आर्यभट्ट ज्ञान विवि विधेयक 2021, बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन विधेयक, बिहार अभियंत्रण विवि विधेयक, 2021, बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विवि विधेयक 2021 और बिहार माल एवं सेवाकर संशोधन विधेयक 2021 शामिल हैं। वही ग्रामीण विकास मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार के द्वारा कहा गया है की विपक्ष के एक-एक प्रश्न का जवाब दिया जाएगा और सरकार इसके लिए पुरी तरह से तैयार है।और अगर जनता से जुड़े किसी भी मुद्दे को लेकर विपक्ष बहस करना चाहेगा तो उसके लिए भी सरकार तैयार रहेगी। सरकार यही चाहती है कि जनता से जुड़े अधिक-से-अधिक सवालों का जवाब सदन में आये। उधर, विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक व भाजपा विधायक जनक सिंह के द्वारा कहा गया है की विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और विपक्ष अगर मर्यादित ढंग से सवाल करे तो सरकार उनके हर सवालों का जवाब देने को तैयार है। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने सदन चलाने पर सहयोग के लिए अपनी सहमति दी है, लेकिन आगे क्या करेंगे, यह उनपर ही निर्भर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एनडीए विधायक दल की बैठक सोमवार को ही की जायेगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री के द्वारा विधायकों को दिशा-निर्देश जारी किये जायेंगे। और सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद विधानसभा के विस्तारित भवन के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल बैठक की जानी है। इस बैठक में भाजपा, जदयू, हम और वीआईपी के सभी विधायक-विधान पार्षद शामिल होंगे।वही सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक श्रवण कुमार के द्वारा बताया गया कि बैठक में वर्तमान सत्र के सुचारू संचालित करने सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। विधानसभा के सोमवार से शुरू होने वाले मानसून सत्र के दौरान माना जा रहा की सदन में विपक्ष के तेवर तीखे रहेंगे। राजद विधायक सह पार्टी प्रवक्ता भाई बिरेंद्र का कहना है कि विधानसभा में विधायकों संग मारपीट की घटना में खानापूरी की गई है। जबकि नेता प्रतिपक्ष द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को पूर्व में ही पत्र लिखकर विधायकों के डरे-सहमे होने का मुद्दा उठाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन संयुक्त रूप से विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरेगा। कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा के द्वारा कहा गया कि विधायकों की पिटाई के मामले के अलावा महंगाई और कोरोना काल में हुई मौतों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गयी है। माले ने भी अपनी रणनीति तय कर ली है और विधायक दल के नेता महबूब आलम ने पार्टी विधायकों संग कई दौर की बैठक भी की है। विधायकों की पिटाई प्रकरण के साथ ही कोरोना काल में हुई सभी मौतों पर चार लाख रुपए मुआवजा देने, सिंचाई पर भ्रम फैलाने और 19 लाख रोजगार के मुद्दे पर पार्टी सरकार को घेरते नजर आयेगी। P

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