बिहार पंचायत चुनाव से पहले नीतीश कुमार की 20,000 करोड़ रुपये की सोलर लाइट योजना की घोषणा

राज्य में होने वाले पंचायत चुनावों से तीन महीने पहले, बिहार सरकार ने 8,300 से अधिक पंचायतों और 143 शहरी निकायों में प्रत्येक में 10 सोलर लाइट लगाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं।इस योजना को लगभग 20,000 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित किया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि विपक्षी राजद ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है क्योंकि पिछली साल लाइट योजना मुखिया और अन्य पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ खराब हो गई थी। राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध कुमार ने कहा: “भले ही पंचायत चुनाव पार्टी की तर्ज पर नहीं लड़े जाते हैं, लेकिन हर पंचायत में सोलर लाइट लगाने के लिए तकनीकी बोली आमंत्रित करने का यह गलत समय है। यह चुनाव को प्रभावित करने का एक तरीका है। सभी राजनीतिक दल अपने जमीनी समर्थन को मजबूत करने के लिए पंचायत चुनावों में परोक्ष रूप से उम्मीदवारों का समर्थन करते हैं … यह योजना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि वे इस योजना के लिए तकनीकी बोली प्रक्रिया आयोजित करने के लिए भारत के चुनाव आयोग को भी लिखेंगे। पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने हालांकि इस मुद्दे पर कहा की, “मौजूदा 12 वाट की रोशनी पर्याप्त नहीं है, सड़कों को रोशन करने के लिए 20 वाट की रोशनी लगाई जाएगी और यह पहले से ही एक चालू योजना है।” बिहार पंचायती राज विभाग ने जून में सभी जिलाधिकारियों को सोलर लाइट लगाने के लिए बोली आमंत्रित करने को कहा था। जद (यू) अपना पार्टी कैडर बनाने के लिए 2006 से पंचायत चुनावों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। वहीँ भाजपा ने यह भी घोषणा की है कि वे शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे।अब इन सब के बीच देखने वाली बात यह है कि बिहार पंचायत चुनाव से पहले ऐसी घोषणाएं सरकार के द्वारा एक राजनीतिक खेल है या फिर सच मे जानता कि भलाई के लिए ऐसे कदम उठाए जा रहे है।

News by Tanvi Tanuja