पटना एयरपोर्ट पर ही आधा दर्जन दलाल दिलाते थे फर्जी कोरोना जांच रिपोर्ट

फ्लाइट यात्रियों को फर्जी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट देने वाले प्लाज्मा डायग्नोस्टिक सेंटर व अन्य पैथोलॉजी लैब के संचालक सहित सभी कर्मी फरार हो गये हैं. इधर, जांच में खुलासा हुआ है कि राजाबाजार स्थित प्लाज्मा डायग्नोस्टिक सेंटर ने अपने आधा दर्जन से अधिक दलालों को पटना एयरपोर्ट पर तैनात कर दिया था. जो यात्रा करने आये यात्रियों को झांसा देकर फर्जी रिपोर्ट देते थे. जांच में पता चला है कि रोजाना करीब 150 से 200 यात्रियों को फर्जी रिपोर्ट मुहैया करायी जाती थी.एक यात्री से करीब 2000 हजार रुपये लिये जाते थे. पुलिस, जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम दलालों की पहचान में जुट गयी है. टीम की मानें, तो जिन यात्रियों के पास आरटीपीसीआर की रिपोर्ट नहीं होती थी, उनको फर्जी रिपोर्ट बनाने का झांसा देकर आधे घंटे में रिपोर्ट पहुंचा देते थे. दलाल यात्री का नाम, पता सीधे सेंटर पर फोन कर बताते थे और सेंटर पर बैठा एक आदमी एयरपोर्ट पहुंच यात्री को रिपोर्ट देता था. पहले यात्री से आधी रकम लेता था.पटना में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच का फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा होने के बाद शास्त्रीगर थाने की पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. इस मामले में पुलिस ने प्लाज्मा डायग्नोसिस के एक कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है.पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है. इस संबंध में सचिवालय एएसपी काम्या मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है, इसके बारे में पता लगाया जा रहा है. जल्द ही इस गिरोह के शातिरों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.छापेमारी टीम को शिकायत मिली है कि पटना जिले के करीब तीन दर्जन ऐसे पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर हैं, जहां जांच के नाम पर कई तरह की गड़बड़ियां हो रही हैं. इसको देखते हुए सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी के नेतृत्व में अलग-अलग टीम बनाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से जांच कराने की बात कही गयी है. टीम में शामिल सदस्य गड़बड़ी करने वाले चिह्नित पैथोलॉजी सेंटरों पर दबिश देकर पड़ताल करेंगे.

News by Kriti kumari